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मतदाता सूची पुनरीक्षण: पारदर्शिता ही भरोसे की कुंजी है
SIR पर उठ रहे सवालों का जवाब आयोग को आंकड़ों के साथ देना होगा, वरना लोकतंत्र पर भरोसा कमजोर होगा।
लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुचिता सबसे बुनियादी शर्त है। जब करोड़ों नामों का पुनरीक्षण होता है, तो हर हटाया गया नाम एक नागरिक का अधिकार है।
आयोग को चाहिए कि वह हर चरण का डेटा सार्वजनिक करे।
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